10*शव्वाल* *02/06/2020* *आप तमामी लोगों को यौम ए इमाम अहमद रजा खान रजी।🌹 ❤बहुत बहुत मुबारक ❤

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अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातुह

              10 ❤ *शव्वाल*

              *02/06/2020*

   *आप तमामी लोगों को यौम ए इमाम अहमद रजा खान रजी ।

         *बहुत बहुत मुबारक हो*

    *एक नजर इमाम अहमद रजा हिस्सा अव्वल*

Tears flowing all night awaiting the pardon of his Nation

I’m sacrificed! (He ﷺ is) the moon yet he ﷺ counts the stars-how imagine..

   *IMAAM AHMED RAZA*

हुस्न ए यूसुफ पे कटी मिस्र में अंगुशत ए जिनां

सर कटाते हैं तेरे नाम पे मर्दान ए अरब

             *नसब नामा

 

आला हजरत (14 जून1856 ईस0(14 जून 1856 ईस0 बातें बक्त 10 शावाल 1272

को बरेली शरीफ मुहल्ला सौदागरान में आपकी विलादत हुई

*आपका सिल सिला कुछ यूँ हैं*

   *आपके बुजुर्ग कंधार के पठान थे*

जिनका नाम सईद उल्लाह खान(जंग ए बहादुर) रह० है

इनके बेटे मौलाना सआदत यार खान.(वजीर ए मालयात)रह० है

इनके बेटे मौलाना मुहम्मद आजम खान रह० है

इनके बेटे हाफिज काजिम अली खान रह० है

इनके बेटे इमामुल उलमा रजा अली खान रह० है

इनके बेटे रईसुल अतकिया मौलाना नकी अली खान रहमतुल्लाही ताआल़ा अलैहि है

इन्हीं बेटे आला हज़रत अजीमुल बरकत अजीमुल मर्तबत इमाम ए इश्क़ ओ मुहब्बत अश शाह अश शैख इमाम अहमद रजा खान फाजले बरेलवी रजी0 हैं

वो आला हजरत जिन्होंने सिर्फ 4 साल की उम्र में कुर्आन ए पाक का नाजरा मुकम्मल कर लिया

वो आला हजरत जिन्होंने ने 06 साल की उम्र में जामा मस्जिद के मिम्बर पर भरे मजमे में मिलाद शरीफ के मौके पर 4 घंटे से ज्यादा तकरीर की

वो आला हजरत जिन्होंने ने 08 साल की उम्र में (हिदायत्तुन नहू) अरबी की शरह लिखी

वो आला हजरत जिन्होंने ने 13 साल 10 महीने 5 दिन की उम्र में तमाम उलूमे दीनया की सनद ली- और इसी रोज बहेसीयत मुफ्ति रजायत का फतवा लिखा

वो आला हजरत जो एक महीने की कलील मुद्दत में हाफिज ए कुर्आन बन गये

वो आला हजरत जिनको 56 उलूम ओ फनून पर दस्तरस हासिल है बाज औलमा ने 100 बताये हैं बाज ने 100 से जायद बताये हैं

वो आला हजरत जिन्होंने लिखना शुरू किया तो 1400 से जायद किताब लिख डाली

वो आला हजरत जिन्होंने ने फतवा देना शुरू किया तो (फतावा रजव़िया) 30 जिल्दों में लिख कर तैयार कर दी

वो आला हजरत जिन्होंने ने हुज़ूर की शान में जब लिखना शुरू किया तो (हदाईक ए बख्शिश) लिख कर तैयार कर दी

वो आला हजरत जिन्होंने ने कुर्आन का तर्जुमा करना शुरू किया तो (कंजुल इमान) बन कर हमारे सामने आया

नोट का मसला आया तो (कुफलुल फकिया) नामी किताब लिख कर हमार सामने पेश किया

वो आला हजरत जिन्होंने इल्म ए गैब ए मुस्तफा ﷺ पर जब लिखा तो बिमारी की हालत में साढ़े आठ घंटे में (अद्दौलतुल मक्किया) लिख कर हमारे सामने पेश कर दिया

वो आला हजरत कि जब किसी ने आपसे पानी की किसमें पुछी तो 360 से जायद पानी की किसमें बता डाली और साथ ये भी बता कि इससे वज़ू जायज़ है इससे ना जाय़ज है…

वो आला हजरत कि जब किसी आपसे मिट्टी की किसमें पुछी तो आप ने मिट्टी की किस्मों के साथ साथ उसकी खासियत के बारे में बताया और ये भी बताया कि इस मिट्टी का रंग ऐसा इस मिट्टी का रंग ऐसा है

वो आला हजरत जब किसी ने आपसे घोड़ों कि नसलों के बारे में पुछा तो आप ने 160 से जायद घोड़ों की नसलों के बारे में लिखा

और साथ ये भी लिखा कि इस नसल का घोड़ा इस रफ्तार का मालिक है और इस नसल के घोड़ों की तादा फलह खात्ते में जयादा पाई जाती है

सुब्हान अल्लाह

ये आला हजरत….यही वजा है कि शोएरा ने आपको पढ़ा तो इमामुश शोएरा कह दिया मुहद्दीसीन ने आपको देखा तो वक्त बू हनीफा कह बैठे फुकहा ने आपको देखा तो अमीरूल मोमीनीन फिल हदीस कह बैठे

और क्यों न हो जब दाग दहेलवी नको मजबूरन कहना पडा़ कि

मुल्क ए सुखन कि शाही तुमको रजा मुसल्लम

जिस सिम्त आ गये हो सिक्के बैठा दिये हैं

बकिया अगले हिस्से में📝❤

❤दुआओं की गुजारिश❤*🌹🌹🌹❤❤❤

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